सतगुरू पर विश्वास जीवन बदल सकता है। जानें कैसे?

Radha Soami – संसार में जो कुछ भी हो रहा है वह सब ईश्वरीय विधान है। यही हम सबका विश्वास है। हम और आप तो केवल निमित्त मात्र है। इसीलिये कभी भी ये भ्रम न पालें कि मैं न होता तो क्या होता! जिस तरह हवा हमें दिखाई नहीं देती लेकिन जब वह जोर से चलती है तो बड़े से बड़े पेड़ को जड़ से उखाड़ देती है। ठीक उसी तरह सतगुरु की रहमत भी हमे दिखाई नहीं देती। लेकिन यदि हमें उन पर पूर्ण विश्वास है तो हमारा बड़े से बड़ा काम वो पलभर में कर देते हैं। इसलिए स्वासं -स्वासं में उन्हें याद रखो वो हमें दिखाई नहीं देते पर वो हरपल हमारे साथ है। लेकिन विश्वास रखें, भर्म न करें।

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जो भी होगा भले के लिये होगा

एक आदमी की नई नई शादी हुई और वो अपनी पत्नि के साथ वापिस आ रहे थे। रास्ते में वो दोनों एक बडी झील को नाव के द्वारा पार कर रहे थे, तभी अचानक एक भयंकर तूफ़ान आ गया। वो आदमी वीर था लेकिन औरत बहुत डरी हुई थी क्योंकि हालात बिल्कुल खराब थे। नाव बहुत छोटी थी और तूफ़ान वास्तव में भयंकर था और दोनों किसी भी समय डूब सकते थे। लेकिन वो आदमी चुपचाप, निश्चल और शान्त बैठा था जैसे कि कुछ नहीं होने वाला हो। औरत डर के मारे कांप रही थी।

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औरत बोली “क्या तुम्हें डर नहीं लग रहा?” ये हमारे जीवन का आखरी क्षण हो सकता है। ऐसा नहीं लगता कि हम दूसरे किनारे पर कभी पहुंच भी पायेंगे। अब तो कोई चमत्कार ही हमें बचा सकता है। वर्ना हमारी मौत निश्चित है। क्या तुम्हें बिल्कुल डर नहीं लग रहा? कहीं तुम पागल-वागल या पत्थर-वत्तथर तो नहीं हो? वो आदमी खूब हँसा और एकाएक उसने म्यान से तलवार निकाल ली?

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जब तुम हो तो डर क्यों

औरत अब और परेशान हो गई कि वो क्या कर रहा था? तब वो उस नग्गी तलवार को उस औरत की गर्दन के पास ले आया, इतना पास कि उसकी गर्दन और तलवार के बीच बिल्कुल कम फर्क बचा था। क्योंकि तलवार लगभग उसकी गर्दन को छू रही थी। वो अपनी पत्नि से बोल “क्या तुम्हें डर लग रहा है?” पत्नि खूब हँसी और बोली “जब तलवार तुम्हारे हाथ में है तो मुझे क्या डर”? मैं जानती हुँ कि तुम मुझे बहुत प्यार करते हो।

उसने तलवार वापिस मयान में डाल दी और बोला कि “यही मेरा जवाब है।” मैं जनता हुँ कि सतगुरू मुझे बहुत प्यार करता है और ये तूफ़ान उसके हाथ में है। इसलिए जो भी होगा अच्छा ही होगा ! अगर हम बच गये तो भी अच्छा और अगर नहीं बचे तो भी अच्छा। क्योंकि सब कुछ उस परमात्मा के हाथ में है और वो कभी कुछ भी गलत नहीं कर सकता। वो जो भी करेगा हमारे भले के लिए करेगा।

विश्वास से जीवन बदल सकता है

इसलिए हमें भी अपने सतगुरू पर हमेशा विश्वास बनाये रखना है। व्यक्ति को हमेशा उस परमपिता परमात्मा पर विश्वास रखना चाहिये जो हमारे पूरे जीवन को बदल सकता है।

सुख अगर तू बख्शे मेरे मालिक तो अहंकार से दूर रखना। दुख भी हो गर कभी रजा तेरी तो सहन करने की ताकत बख्शना। न पहुचे दुख कभी किसी को मेरे किसी कर्म से, इतनी मुझ पर नजरे कर्म रखना। भजन-सिमरन बख्श कर मुझको अपने चरणो में मेरे सतगुरु मुझे जगह बख्शना।

।।राधास्वामी।।

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