संत महात्माओं के कुछ महत्वपूर्ण संदेश

Radha Soami -आज तक जितने भी संत महात्मा पैदा हुए हैं। उन सबने रुहानियत में जो सिद्धि प्राप्त की है। उनके कुछ संदेश आज हम पढ़ते हैं। उन्होंने बहुत कड़ी मेहनत और अभ्यास के जरिए उन्होंने उस अद्भुत शक्ति को प्राप्त किया है। उस अद्भुत शक्ति के दर्शन के दर्शन किये हैं। प्रकाश में के दर्शन किए। उन्होंने अपने ध्यान को एकाग्र करके परमात्मा को प्राप्त किया। उनके कुछ संदेश जो आज हम अपने संतो की किताब में पढ़ते हैं। उनके कुछ संदेश यहाँ प्रस्तुत है।

दर्श बिन दुखन लागे नयन

महाराज जगत सिंह

एक जगत सिंह महाराज जी फरमाते हैं कि रत्ती भरा अभ्यास मन भर ज्ञान से कहीं अच्छा है। संतमत के सिद्धांतों का ज्ञान किस काम का, अगर उनके अनुसार हमारी रहने न हो। अमल और अभ्यास से रहित विद्वान उस पशु के समान है जिसकी पीठ पर किताबों का भार लदा हो। उपदेश देने से अभ्यास करना हजार गुना अच्छा है। इसलिए महाराज जगत सिंह जी फरमाते हैं कि हमें परमात्मा की भक्ति करनी चाहिए, गुरु से प्राप्त नामदान की युक्ति पर अमल करना चाहिए, भजन सिमरन करना चाहिए।

चरण सिंह जी

स्वामी जी महाराज

यह जगत नाशवान है और सब असबाब भी इसका नाशवान है। अकलमंद यानी चतुर मनुष्य वह है कि जिसने इसकी कारोबार को अच्छी तरह जांच करके और उसको फानी यानी कल्पित और मिथ्या जानकर इस मनुष्य शरीर को मालिक कुल का भजन-सुमिरन करके सफल किया और जो चीजें उस कर्ता ने अपनी दया से इस नर देहि में दी है, उनके लाभ उठाकर जौहर बे-बहा यानी सातों वस्तु अनमोल जो कि सुरती यानी जीवात्मा है उसको स्थान असली पर पहुंच जाए जाए स्वामी जी महाराज का कथन है कि भजन सुमिरन करें और उस औरत को सुने परमात्मा को प्राप्त करें

महाराज चरण सिंह

महाराज जी फ़रमाते हैं कि संतमत में ऐसी कोई भी खास प्रार्थनाएं नहीं है जिन्हें आप दिन में चार या पांच बार दोहरा लें। प्रार्थना के लिए शब्दों या भाषा की जरूरत नहीं है। प्रार्थना तो प्यार की भाषा है जो हमारे हृदय से प्रभु तक जाती है। प्रार्थना के समय आपके और मालिक के बीच में कोई दूसरा नहीं होता। जब आप प्रार्थना करते हैं तो संसार को भूल जाते हैं; तब मालिक रहता है और आप होते हैं। यही सच्ची प्रार्थना है, और यह प्रार्थना केवल भजन के द्वारा संभव होती है। जब हम यह भूल जाते हैं कि हम कौन हैं और कहां हैं। यही असली और सच्ची प्रार्थना है। तो हमें चाहिए कि हम भजन-सुमिरन के द्वारा प्रार्थना करें और अपने आप को परमात्मा के अधीन कर दें।

आओ अमल करें।

अगर रूहानियत के रास्ते पर चलना है तो हमें संत महात्माओं द्वारा बताए गए कुछ महत्वपूर्ण संदेश को समझना चाहिए। उन पर अमल करना चाहिए क्योंकि जो उनके द्वारा दिए गए संदेश के द्वारा ही हम नेक एक रास्ते बचा सकते हैं। बहुत से संत महात्मा हुए हैं। सभी ने केवल यही बताए हैं कि नामदान का सुमिरन करें।

।।राधास्वामी।।

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