परमात्मा को इस जरिये पाया जा सकता है, जो रूहानियत है।

Radha soami – सभी सन्तों का एक ही मत रहा है कि रूहानियत के जरिये ही परमात्मा को पाया जा सकता है। इसके अलावा कोई और रास्ता नहीं है जो हमें परमात्मा से मिला सकें। इसलिये हमें अपने गुरु के बताये रास्ते पर चलना चाहिए। ताकि हम अपने असली घर पहुंच सकें। सन्तों के मुताबिक अगर मनुष्य जन्म का लाभ उठाना है तो किसी संत की शरण लो यानी किसी सच्चे गुरु की खोज करो ।

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रूहानियत ही एक रास्ता

अच्छे कर्मों के कारण हमें मनुष्य जन्म मिला है। मनुष्य जन्म बड़े दुःख के बाद मिला है। इसलिए हमें इसका पूरा फायदा उठाना चाहिए। बाबाजी फ़रमाते है कि अगर ये मौका हाथ से निकल गया। तो कभी लौट कर नहीं आने वाला। बाद में पछतावा ही बाकी रह जाएगा। इसलिए देरी ना करके गुरु के हुक्म के अनुसार अपने आप को भजन-सिमरन में लगाओ। ज्यादा समय भजन में लगाना चाहिए।

बाबाजी ने बहुत बार फ़रमाया है कि जब हम बेकार के कार्यों के लिए परेशान रहते हैं तो क्या अपने असल काम के लिए क्यों नहीं आगे आते, क्यों नहीं भजन-सुमरिन करते। बाबाजी बताते है केवल भजन-सुमिरन ही है जो आपको हर मुश्किल से बाहर कर सकता है। जिसका सिमरन करके तुम सदा के लिए शांति प्राप्त कर सकते हो।

शान्ति को पाने के लिए सन्तों ने बहुत कुछ कुर्बान किया

इस शान्ति को पाने के लिए सन्तों ने बहुत कुछ कुर्बान किया है। रूहानियत आसान है लेकिन इतना आसान भी नही है। सन्त बताते है इस राह पर चलने और परमात्मा को पाने के लिए अगर अपना सिर भी कटाना पड़े तो वो भी बहुत कम है। क्योंकि की वो शांति और आनंद ऐसा है जिसका कोई वर्णन नहीं कर सकता। तो आईये बाबाजी के भाणे में रह कर भजन-सुमिरन करें और परमात्मा को प्राप्त करें।

।।राधास्वामी।।

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