मनुष्य जन्म मिला है करलो कर्मों का हिसाब: बाबाजी

Radha Soami- बाबा जी के वचनों के अनुसार हमें कर्मों के हिसाब से ही हमें अलग -अलग जन्मों में जाना पड़ता है। अब हमें मनुष्य जन्म की प्राप्ति हुई है तो हमें अच्छे कर्मों के हिसाब से ही मनुष्य जन्म मिला है। और इस जन्म में हम आने बुरे कर्मों का भुगतान भी करते हैं साथ मे नये कर्म भी बनाते हैं।

महाराज जी सीढ़ी एक उदाहरण भी दिया

अब हमें मनुष्य जन्म का लाभ उठाना चाहिए क्योंकि मनुष्य जन्म बार-बार नहीं मिलने वाला। बाबाजी बार-बार अपने सत्संग में फ़रमाते रहते हैं कि चौरासी लाख योनियों में भटकने के बाद इस जन्म की प्राप्ति हुई है। अगर इस बार भी हम इस सबसे उत्तम योनि का फ़ायदा नहीं ले सके तो हमें फिर से चौरासी में भटकना पक्का है। महाराज जी सीढ़ी एक उदाहरण भी दिया करते हैं। मनुष्य जन्म सीढ़ी का आखिरी डंडा है। अगर हिम्मत करेंगे तो छत पर चढ़ जायेंगे। अगर सीढ़ी के आखिरी डंडे से पैर फिसल गया तो हम सीधे नीचे आ गिरेंगे। ठीक उसी तरह मनुष्य जन्म अंतिम अवसर है। हिम्मत करेंगे, भजन-सुमिरन करेंगे तो अपने निजघर पहुंच जाएंगे। नही तो फिर से चौरासी के दुख उठाने पड़ेंगे।

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क्योंकि एक इसी योनी में हम परमात्मा की भक्ति

अब हमें अपने कर्मों का बोझ कम करना है। इसके लिए हमे किसी पूर्ण गुरु की शरण लेनी चाहिए। उनसे नामदान की युक्ति प्राप्त करके उस पर अमल करना चाहिए। ताकि अपने बुरे कर्मों का भार कम हो जाये। और हम इस जन्म का फायदा उठाकर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकें। क्योंकि एक इसी योनी में हम परमात्मा की भक्ति कर सकते हैं। बाकी सभी योनियां केवल अपने कर्मों का भुगतान कर रही होती हैं। बाकी किसी भी योनी में ऐसा नही होता कि वो अपने नए अच्छे कर्म बना सकें। ये उपलब्धि केवल मनुष्य योनि को ही प्राप्त है। इसलिए हमें इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए।

बाबा गुरविंदर सिंह जी

आओ! सुमिरन करें।

बाबा जी फ़रमाते हैं कि जब हमें मौका मीला है तो फिर क्यों हम मौका चूक रहें हैं। हमें तो इसका फ़ायदा उठाना चाहिए। आओ हम सब इस अवसर का लाभ उठाते हुए भजन-सुमिरन करें।

।।राधास्वामी।।

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