जीवन में आये हो तो अपने लक्ष्य को सामने रखो।

Radha Soami – संत महात्माओं का केवल एक ही उपदेश रहा है कि इस जीवन में आए हो तो अपने लक्ष्य को सामने रखते हुए, उसको प्राप्त करने की कोशिश करते रहो। वह लक्ष्य कौन सा है? लक्ष्य है परमात्मा की प्राप्ति।

और अधिक शब्द सुनने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करे

गुरु के अनुसार परमात्मा को पाने की एक ही युक्ति है। वह है भजन-सुमिरन और उसको हम सिमरन कैसे कर सकते हैं, उस युक्ति को हम कैसे प्राप्त कर सकते हैं? संत बताते हैं कि किसी सच्चे गुरु की खोज करो। उसकी शरण में जाओ। तब कहीं जाकर के उस रूहानियत के रास्ते पर चलने की युक्ति प्राप्त कर सकते हो।

वो गुरु सबसे ऊपर जो मंजिल पर ले जायें

गुरु कई तरह के होते हैं। हमें गुरु वह चाहिए जो गुरु हमें परमात्मा से मिलाने लायक हो। पुर्ण गुरु वह होता है जो अपनी जीव को रूहानियत के रास्ते पर ले जा कर के उस परमात्मा के दर्शन करा दे। यानी कि आत्मा को परमात्मा से मिलाते हुए वह गुरु सच्चा होता है। उसकी पहचान होती है। उसके विचारों से उसकी अनुभव से।

मनुष्य जन्म बार-बार नहीं मिलता। गुरु हमें इस जन्म का लाभ उठाने के लिए बार-बार हिदायत देते रहते हैं। कि भाई चौरासी के जेलखाने से निकलो। अपने लक्ष्य को देखो। क्योंकि परमात्मा ने तुम्हें मनुष्य जन्म बख्शा है। इसका लाभ उठाओ। परमात्मा की भक्ति करो, भजन-सुमिरन करो ताकि अपने निजघर की वापसी हो सके। अपने असल घर में जा करके शांति ही शांति, आनंद ही आनंद प्राप्त कर सके।

ये काम बिना नागा करना चाहिए

हमें केवल गुरु से नाम की युक्ति प्राप्त करनी है और उसी युक्ति पर अमल करना है। गुरु के हुक्म के अनुसार हमें हर रोज बिना नागा भजन-सुमिरन करना है। कम से कम ढाई घंटे का सुमिरन बहुत जरूरी है। इन्हीं सब कार्यों के द्वारा ही हम परमात्मा को प्राप्त कर सकते हैं। अपने घर में वापिस जा सकते। इसलिए सभी जीव परमात्मा की भक्ति करें। भजन-सुमिरन करें और परमात्मा को प्राप्त करें।

।राधा स्वामी।।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *