जीवन का हर कार्य गुरू के बिना अधूरा : बाबाजी

Radha Soami Satsang Beas- संत फरमाते हैं किसी भी कार्य को करने के लिए, किसी भी कार्य को सीखने के लिए किसी उस्ताद या गुरु की आवश्यकता होती है। बिना गुरु के बिना उस्ताद के हम जीवन में कोई भी काम को नहीं कर सकते, इसलिए हमें किसी गुरु के पास जाना पड़ता है। संत बताते हैं कि रुहानियत में भी किसी पूरे संत-सतगुरु की आवश्यकता होती है।

पूरे सतगुरु का अर्थ

संत फ़रमाते है कि यह बात कहने की आवश्यकता नहीं कि रूहानी उन्नति के लिए सतगुरु का अर्थ परमात्मा से मिलाप करके उसका रूप हो चुके सच्चे सतगुरु से हैं क्योंकि केवल परमात्मा या परमात्मा में समाकर परमात्मा बन चुका मनुष्य ही परमात्मा से मिलाप का साधन बन सकता है।

साईं बुल्लेशाह जी कहते हैं

कि मुर्शीद में परमात्मा और मनुष्य दोनों की संधि या मेल है:

  1. ढोला आदमी बण आया।
  2. मौला आदमी बण आया।

पानी में मिश्री घोलते जायें तो यहां तक पहुंच जाएगा कि पानी नाममात्र ही रह जाएगा। उसमें मिश्री की सारी खूबियां समा जायेंगी। इसी प्रकार जिसके अंदर परमात्मा का नूर घर कर गया है और जिस पर ईश्वरीय कृपा के द्वार खुल चुके हैं, उसमें और परमात्मा में वास्तव में कोई अंतर नहीं होता। ऐसे ही कामिल मनुष्य द्वारा ही परमात्मा की दया दूसरों को पार उतारती है।

वाह जिस पर करम अवेहा है, तसदीक ओह भी तैं जेहा है।

सच सही रवायत एहा है, तेरी नज़र मेहर तर जाइदा।

परमेश्वर का सच्चा भक़्त परमेश्वररूपी समुद्र में से उठी ऐसी लहर है जो समुंदर में से उठती है, सदा समुंदर का भाग रहती है और उस समुंदर में ही समा जाती है। लहर कभी समुंद्र से अलग नहीं होती। साईं बुल्लेशाह कहते हैं कि मुर्शिद बाहर से देखने को ‘चाक’ अराई या योगी लगता है परंतु वास्तव में प्रभु के पावन प्रकाश की साक्षात मूर्ति है। वह जीता-जागता, चलता-फिरता दयालु प्रभु है। उसका दर्शन परमात्मा का दर्शन है जो सब रोगों की अचूक औषधि है।

आओ सिमरन करें और पार उतरें।

इसलिए हमें अपने सतगुरु के हुक्म के अनुसार भजन-सिमरन करना चाहिए। हमें अपने संत-सतगुरु के दर्शन करने चाहिए, क्योंकि दर्शन करने से हमारे मन को भी शांति प्राप्त होती है और अब भजन-सिमरन करने से हमारा मन शांत होता है। भजन सिमरन से हमें रूहानियत तरक्की मिलती है और हम परमात्मा के नजदीक पहुंचते हैं।

राधास्वामी

One thought on “जीवन का हर कार्य गुरू के बिना अधूरा : बाबाजी

  • July 30, 2020 at 9:39 am
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    यदि कोई जिझासा है मन मे तो ..Question कर सकते है…? जवाब किसमे आयेगा…? E mail मे या Blog मे…?

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