आओ सत्संग की महिमा जानें और इससे फायदा उठायें

संत समझाते हैं कि संतो का साथ यानी सत्संग प्राप्त करना बहुत ही बड़े सौभाग्य की बात है। क्योंकि सत्संग हर किसी के भाग्य में नहीं होता। सत्संग सतगुरु ( परमात्मा ) की दया मेहर से ही प्राप्त होता है। सत्संग उन्हीं व्यक्ति विशेष को प्राप्त होता है, जिस व्यक्ति पर उस परमपिता परमात्मा की मेहर होती है। बिना उसकी मर्जी से हम कुछ भी प्राप्त नहीं कर सकते।
सत्संग की महिमा
संतों का सत्संग सुनकर हम अपने जीवन में काफी कुछ बदलाव ला सकते हैं। बहुत कुछ जीवन में प्राप्त कर सकते हैं। सत्संग एक ऐसी रूहानियत शक्ति है, जिसके जरिए हम उस परमात्मा रूपी मंजिल की तरफ जा सकते हैं। बिना सत्संग के हम उस तरफ अपने ध्यान को नहीं लगा सकते और सत्संग हमें तब प्राप्त होता है, जब हम किसी सतगुरु की शरण में जाते हैं , उसकी दया मेहर हमें होती है तो हमें सत्संग प्राप्त होता है।
संतो का अनुभव
संतों ने अपने अनुभव में फरमाया है की हमने जो कुछ भी हासिल किया है। हमने जो कुछ भी इस संसार में देखा है, हम उन सबको सत्संग के जरिए आपको फरमा रहे हैं। सत्संग के जरिए आप अपने जीवन के लक्ष्य को समझ सकते हैं। सत्संग के माध्यम से आप मनुष्य जन्म का लाभ उठा सकते हैं, क्योंकि सत्संग के द्वारा ही हमें नाम रूपी शक्ति प्राप्त हो सकती है। जिससे हम भजन -सुमिरन करके इस मनुष्य जन्म का लाभ उठा सकते हैं।
भजन-सुमिरन पर पूरा ध्यान
इसलिए हमें संतों का साथ करना है, उनके सत्संग सुनने हैं। सत्संग में बताई गई बातों पर अमल करना है। सतगुरु से प्राप्त उस नाम रूपी शक्ति का ध्यान करना है, यानी कि भजन-सुमिरन पर पूरा ध्यान देना है। ज्यादा से ज्यादा हमें भजन सुमिरन करना है और उस परमात्मा में जा समाना है। यह तब हम हासिल कर पाएंगे, जब हम ज्यादा से ज्यादा समय भजन-सुमिरन को देंगे। उस परमात्मा का ध्यान करेंगे, तब जाकर हमें इस मनुष्य जन्म का लाभ प्राप्त होगा।
                  || राधास्वामी ||

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